मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद : राधा रानी को पक्षकार बनाने की अर्जी दाखिल
vमथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद : राधा रानी को पक्षकार बनाने की अर्जी दाखिल

प्रयागराज, 03 अप्रैल (हि.स.)। इलाहाबाद हाईकोर्ट में मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि से शाही ईदगाह हटाने की मांग में विचाराधीन सिविल वादों की सुनवाई के दौरान वादी के रूप में राधा रानी को भी शामिल करने की मांग में अर्जी दी गई।
साथ ही शाही मस्जिद को विवादित ढांचा कहे जाने की भी मांग की गई, जिस पर मस्जिद पक्ष ने आपत्ति की। सिविल वादों की अगली सुनवाई की तिथि छह मई तय की गई है। सभी सिविल वादों की सुनवाई न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्रा कर रहे हैं।
एक वाद में भविष्य की कार्यवाही में और अदालत के समक्ष लम्बित अन्य संबंधित मामलों में “शाही ईदगाह मस्जिद“ के स्थान पर “विवादित ढांचा“ के उपयोग की मांग की गई।
हाईकोर्ट ने 05 मार्च 2025 को वादी द्वारा मांगे गए कुछ संशोधनों की अनुमति दी। हिन्दू पक्ष ने शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने के बाद जमीन पर कब्जा करने और मंदिर की बहाली के लिए 18 मुकदमें दायर किए हैं जो पहले स्थायी निषेधाज्ञा से अलग थे।
एक अगस्त 2024 को हाईकोर्ट ने हिन्दू उपासकों के मुकदमों की स्थिरता को चुनौती देने वाले मुस्लिम पक्ष के आवेदनों को खारिज कर दिया था और माना था कि हिन्दू उपासकों के सभी मुकदमे सुनवाई योग्य थे।
एक अगस्त के आदेश में अदालत ने यह भी माना कि ये मुकदमें परिसीमा अधिनियम, वक्फ अधिनियम और पूजा स्थल अधिनियम, 1991 द्वारा वर्जित नहीं थे, जो 15 अगस्त, 1947 को मौजूद किसी भी धार्मिक संरचना के रूपांतरण पर रोक लगाता है।
23 अक्टूबर 2024 को उच्च न्यायालय ने मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद के संबंध में दायर सभी मुकदमों को समेकित करने के उच्च न्यायालय के 11 जनवरी 2024 के आदेश को वापस लेने के लिए शाही ईदगाह मस्जिद समिति द्वारा दायर एक आवेदन को खारिज कर दिया।
यह विवाद मथुरा में मुगल सम्राट औरंगजेब-युग की शाही ईदगाह मस्जिद से संबंधित है। जिस पर आरोप है कि इसे भगवान कृष्ण के जन्म स्थान पर एक मंदिर को ध्वस्त करने के बाद बनाया गया था।