‘UP Dialogue Chapter-2’ में 200+ युवाओं ने किया विकास पर मंथन, अर्चना सिंह बोलीं- सक्रिय भागीदारी से बनेगा सशक्त यूपी

UP Decade’ विषय पर कानून-व्यवस्था, शिक्षा, रोजगार, अर्थव्यवस्था और धार्मिक पर्यटन पर चर्चा हुई। युवाओं ने विशेषज्ञों से सवाल पूछकर प्रदेश के भविष्य को लेकर अपने सुझाव भी साझा किए।

‘UP Dialogue Chapter-2’ में 200+ युवाओं ने किया विकास पर मंथन, अर्चना सिंह बोलीं- सक्रिय भागीदारी से बनेगा सशक्त यूपी

प्रयागराज, 13 सितंबर  उत्तर प्रदेश के विकास में युवाओं की भूमिका केवल योजनाओं का लाभ लेने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदार बनना होगा। युवाओं की जागरूकता और सक्रिय भागीदारी से ही सुरक्षित, सशक्त और विकसित उत्तर प्रदेश का निर्माण संभव है। यह बातें वरिष्ठ अधिवक्ता अर्चना सिंह ने रविवार को प्रयागराज में आयोजित ‘यूपी डायलॉग-चैप्टर 2’ में युवाओं से संवाद करते हुए कही।



‘फ्रेंड्स ऑफ यूपी’ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में 200 से अधिक युवा स्वयंसेवकों और प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। ‘यूपी डिकेड’ विषय पर आयोजित संवाद में प्रदेश की पिछले एक दशक की विकास यात्रा, कानून-व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, रोजगार और धार्मिक पर्यटन सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को प्रदेश में हो रहे बदलावों से जोड़ना और विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद का अवसर देना रहा।

अर्चना सिंह ने कानून और न्याय व्यवस्था पर युवाओं से बातचीत करते हुए कहा कि सुरक्षित समाज और मजबूत लोकतंत्र के लिए युवाओं का जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने तथा अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। अर्थशास्त्र, वित्त और शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों पर अरुणेश सिंह ने विचार रखे। उन्होंने बदलती अर्थव्यवस्था के बीच युवाओं के लिए तैयार हो रहे नए अवसरों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की। प्रो. राजेश कुमार गर्ग ने भी युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

धार्मिक पर्यटन से रोजगार के अवसरों पर चर्चा

संवाद के दौरान उत्तर प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के अवसर बढ़ सकते हैं। प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक बदलावों के साथ युवाओं के लिए भविष्य में बनने वाली संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

कार्यक्रम को दो सत्रों में आयोजित किया गया। पहले सत्र में विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। दूसरे सत्र में युवाओं के साथ प्रश्नोत्तर और खुला संवाद हुआ। प्रतिभागियों ने कानून-व्यवस्था, शिक्षा, रोजगार, अर्थव्यवस्था और प्रदेश के विकास से जुड़े सवाल पूछे तथा अपने सुझाव भी दिए। आयोजकों के अनुसार ‘यूपी डायलॉग’ का उद्देश्य युवाओं, विशेषज्ञों और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। ‘यूपी डायलॉग-चैप्टर 2’ के माध्यम से बीते एक दशक के बदलावों के साथ प्रदेश के वर्तमान और भविष्य की संभावनाओं पर युवाओं को चर्चा का मंच मिला।