‘CM योगी अधिवक्ता समाज के सच्चे संरक्षक’, राकेश पांडेय बोले- नए भवन में 11 हजार से ज्यादा वकीलों को मिलेगा चैंबर
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मुख्य न्यायाधीश के सहयोग से लंबे समय से लंबित चैंबर आवंटन प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।
प्रयागराज, 14 सितंबर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केवल प्रदेश के मुखिया ही नहीं, बल्कि अधिवक्ता समाज के सच्चे संरक्षक और संकटमोचक भी हैं। उनके और मुख्य न्यायाधीश के विशेष सहयोग से नए भवन में चैंबर आवंटन की लंबे समय से अटकी प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। इससे अधिवक्ताओं की वर्षों पुरानी प्रतीक्षा समाप्त होने जा रही है। यह बातें हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने सोमवार को आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री के स्वागत के दौरान कहीं।
राकेश पांडेय ने कहा कि प्रयागराज की पावन धरती पर न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका के प्रतिनिधियों का एक मंच पर उपस्थित होना ऐतिहासिक क्षण है। यह केवल गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का संगम ही नहीं, बल्कि न्याय और आस्था का भी संगम है। यह आयोजन संदेश देता है कि सभी संस्थाएं अपने-अपने क्षेत्र में स्वतंत्र हैं, लेकिन उनके बीच सद्भाव और सहयोग का मजबूत संबंध बना हुआ है।
उन्होंने बताया कि नए भवन में 11 हजार से अधिक अधिवक्ताओं को व्यावसायिक स्थान उपलब्ध होगा। भवन का उद्घाटन पहले ही हो चुका था, लेकिन चैंबर आवंटन की प्रक्रिया लंबित थी। मुख्यमंत्री और मुख्य न्यायाधीश के सहयोग से अब यह प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।
बेहतर कानून व्यवस्था से आम नागरिक सुरक्षित
बार अध्यक्ष ने प्रदेश की कानून व्यवस्था में सुधार की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आज आम नागरिक स्वयं को अधिक सुरक्षित और भयमुक्त महसूस कर रहा है। यह शासन की स्पष्ट मंशा और बेहतर कार्यप्रणाली का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि शैक्षिक न्यायाधिकरण का विषय हो अथवा सरकारी अधिवक्ताओं के पारिश्रमिक और सुविधाओं से जुड़े मामले, मुख्यमंत्री ने अधिवक्ता समाज के हितों को हमेशा प्राथमिकता दी है। उन्होंने अधिवक्ताओं से जुड़े विषयों के समाधान के लिए सकारात्मक रवैया अपनाया है।
राकेश पांडेय ने कहा कि न्याय व्यवस्था को प्रभावी और मजबूत बनाने के लिए बार और बेंच के बीच निरंतर संवाद, सहयोग और विश्वास जरूरी है। दोनों के बेहतर समन्वय से ही आम लोगों को समय पर और प्रभावी न्याय उपलब्ध क
राया जा सकता है।