प्रयागराज में 100 कॉलेजों के गुरुजनों और मेधावी छात्रों का सम्मान, प्रो. गिरीश चंद त्रिपाठी बोले- गुरु का सम्मान ही ज्ञान और संस्कार की प्रतिष्ठा

धूमनगंज में गांधी जयंती और शास्त्री जयंती पर आयोजित गुरु-शिष्य सम्मान पर्व में शिक्षकों, मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षा क्षेत्र में योगदान देने वाले प्रबंधकों को सम्मानित किया गया।

प्रयागराज में 100 कॉलेजों के गुरुजनों और मेधावी छात्रों का सम्मान, प्रो. गिरीश चंद त्रिपाठी बोले- गुरु का सम्मान ही ज्ञान और संस्कार की प्रतिष्ठा

प्रयागराज, 02 अक्टूबर । गुरु केवल ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि शिष्य के जीवन को दिशा और उद्देश्य देने वाला मार्गदर्शक होता है।

यह बात शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं देश के दूसरे प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर गुरु-शिष्य सम्मान पर्व के भव्य आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीएचयू वाराणसी के पूर्व कुलपति प्रो. गिरीश चंद त्रिपाठी ने कही।

प्रयागराज के धूमनगंज क्षेत्र में आयाेजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और सेवा का संदेश दिया, वहीं लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा को अपने जीवन में उतारा। आज आवश्यकता है कि विद्यार्थी इन महापुरुषों के आदर्शों और अपने गुरुजनों के संस्कारों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। गुरु का सम्मान वास्तव में ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की परंपरा का सम्मान है।

इससे पूर्व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं देश के दूसरे प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर गुरु-शिष्य सम्मान पर्व के भव्य आयोजन में राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले विधानसभा शहर पश्चिमी के लगभग 100 कालेज के गुरुजनों, मेधावी छात्रों तथा संस्कार व पीढ़ी के निर्माण में शिक्षकों एवं छात्रों को दिशा देने वाले प्रबंधकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय संस्कृति के आधारशिला को शिक्षा के साथ संस्कारों को जीवन में उतारने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष भाजपा नेता डॉ. सुशील सिन्हा ने अतिथियों, गुरुजनों, छात्रों एवं उपस्थित गणमान्य नागरिकों का स्वागत करते हुए कहा कि ‘गुरु-शिष्य सम्मान पर्व’ का उद्देश्य केवल सम्मान करना नहीं, बल्कि समाज में गुरुजनों के प्रति सम्मान और विद्यार्थियों के प्रति जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि गुरु वह दीपक है, जो स्वयं जलकर शिष्य के जीवन में प्रकाश फैलाता है, ऐसे गुरुजनों का सम्मान करना समाज का दायित्व है। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि माता-पिता संतान को जन्म देते हैं, लेकिन गुरु उसके व्यक्तित्व को दिशा और उद्देश्य प्रदान करता है। गुरु का वास्तविक सम्मान केवल चरण स्पर्श करने में नहीं, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलने और उनके संस्कारों को अपने आचरण में उतारने में है। कार्यक्रम में सम्मानित गुरुजनों और मेधावी छात्रों को बधाई देते हुए कहा गया कि उनका सम्मान समाज की ओर से ज्ञान, शिक्षा और संस्कार के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। समारोह के दौरान महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को आत्मसात करने तथा शिक्षा और संस्कार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प भी लिया गया।

गुरु और शिष्य के बीच विश्वास,सम्मान और संस्कार से समाज और राष्ट्र दोनों मजबूत होंगे-डॉ एस पी सिंह

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज के पूर्व प्राचार्य डॉ. एस.पी. सिंह ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी युवा पीढ़ी और उसकी शिक्षा व्यवस्था में निहित होती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी किताबी ज्ञान के साथ अनुशासन, नैतिकता और मानवीय मूल्यों को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। गुरु और शिष्य के बीच विश्वास, सम्मान और संस्कार का संबंध मजबूत होगा तो समाज और राष्ट्र दोनों मजबूत होंगे। विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रधानाचार्य विजय उपाध्याय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को सदैव सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। गुरु पीढ़ियों का निर्माण करता है और उसके संस्कार समाज की दिशा तय करते हैं। उन्होंने कहा कि मेधावी छात्रों का सम्मान उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है, वहीं गुरुजनों का सम्मान समाज को शिक्षा और संस्कार के प्रति अपनी जिम्मेदारी का बोध कराता है।

कार्यक्रम के अंत में दिनेश तिवारी ने कहा गुरु का सम्मान हमारी संस्कृति है, ज्ञान का सम्मान हमारी पहचान है और राष्ट्रसेवा हमारा संकल्प होना चाहिए। कार्यक्रम पर संचालन अविचल द्विवेदी ने किया। सम्मानित प्रबंधक,प्रधानाचार्य, अध्यापकगण तथा मेधावी छात्रों को पटका पहनाकर उन्हें मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर डॉ.प्रभु शंकर शुक्ला, अखिलेश श्रीवास्तव, पवन मिश्रा, विजया श्रीवास्तव, रामलोचन साहू, दीना नाथ कुशवाहा,निर्जला पटेल,शोभिता श्रीवास्तव, राविन साहू, श्रीराम द्विवेदी, दीप प्रकाश गुप्ता, सतीश द्विवेदी, पंकज तिवारी,शिव शेर सिंह पटेल,वेद प्रकाश पाल, शिक्षा रस्तोगी,पार्षद भगवान दास आदि सैंकड़ो विद्यालय के प्रबंधक, प्रधानाचार्य, शिक्षक और मेधावी छात्र, अभिभावकगण उपस्थित रहें।