जौनपुर में ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क को लेकर व्यापारियों की चिंता, सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन

जौनपुर उद्योग व्यापार मंडल ने व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग की; जिलाध्यक्ष दिनेश टंडन के नेतृत्व में व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

जौनपुर में ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क को लेकर व्यापारियों की चिंता, सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन

जौनपुर,19 सितंबर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में व्यापारियों ने 2,000 से अधिक के कुछ व्यापारी-आधारित यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग की है। शनिवार को जौनपुर उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष दिनेश टंडन के नेतृत्व में दो दर्जन से अधिक व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट महिपाल सिंह को सौंपा।

जिलाध्यक्ष दिनेश टंडन ने कहा कि देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने में यूपीआई की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इससे आम नागरिकों, व्यापारियों और छोटे दुकानदारों के लिए लेनदेन आसान और तेज हुआ है। व्यापारी वर्ग भी डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने में लगातार सहयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर से 2,000 से अधिक के कुछ व्यापारी-आधारित यूपीआई लेनदेन पर लागू होने की व्यवस्था से छोटे और मध्यम व्यापारियों में चिंता बढ़ी है। किराना, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, हार्डवेयर, दवा, ऑटो पार्ट्स और अन्य छोटे प्रतिष्ठानों में कई बार एक ग्राहक का भुगतान 2,000 से अधिक हो जाता है। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क से व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है।

व्यापारियों का कहना है कि छोटे कारोबार में लाभ मार्जिन सीमित होता है। ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क का असर सीधे उनकी आय पर पड़ सकता है। उनका यह भी कहना है कि लंबे समय तक बढ़ी हुई लागत व्यापारी स्वयं वहन नहीं कर पाएंगे और इसका असर वस्तुओं एवं सेवाओं की कीमतों पर पड़ सकता है।व्यापार मंडल ने सरकार से व्यवस्था पर पुनर्विचार करने, छोटे व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखने और डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने वाली मौजूदा व्यवस्था को बनाए रखने की मांग की।---------------