डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बना देश की आर्थिक प्रगति का सशक्त आधार : मन्नू प्रकाश दूबे

भारतीय कंक्रीट संस्थान के तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बना देश की आर्थिक प्रगति का सशक्त आधार : मन्नू प्रकाश दूबे

प्रयागराज, 17 जुलाई । डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर देश की आर्थिक प्रगति का सशक्त आधार बना है। उक्त बातें शुक्रवार को भारतीय कंक्रीट संस्थान (आईसीआई) प्रयागराज केंद्र द्वारा आयोजित तकनीकी संगोष्ठी "टेक कनेक्ट" को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता रेलवे यातायात सेवा (आईआरटीएस) के वरिष्ठ अधिकारी एवं डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) के महाप्रबंधक (परिचालन एवं व्यवसाय विकास) मन्नू प्रकाश दूबे ने कहीं।

उन्होंने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की परिकल्पना, निर्माण, संचालन तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि पूर्वी एवं पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के संचालन से भारी मालगाड़ियों को अलग समर्पित रेलमार्ग उपलब्ध हुआ है, जिससे माल परिवहन की गति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही सामान्य रेलमार्गों पर यात्री ट्रेनों के संचालन में भी सुगमता आई है तथा समयबद्ध रेल सेवाओं को बढ़ावा मिला है।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना में आधुनिक तकनीक, उच्च सुरक्षा मानकों और उन्नत परिचालन प्रणाली का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। मन्नू प्रकाश दूबे ने बताया कि गति शक्ति कार्गो टर्मिनल, निजी रेल साइडिंग, 'ट्रक ऑन ट्रेन' (रो-रो) सेवा तथा पार्सल सेवाओं जैसी पहलें व्यापार और उद्योग को नई गति प्रदान कर रही हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब तथा दिल्ली-एनसीआर के ताप विद्युत संयंत्रों तक कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि 12 जुलाई 2026 को पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ने एक ही दिन में विभिन्न जोनल रेलों के साथ 526 मालगाड़ियों के सफल आदान-प्रदान का नया कीर्तिमान स्थापित किया, जो इसकी बढ़ती परिचालन क्षमता और दक्षता का प्रमाण है।

भारतीय कंक्रीट संस्थान (आईसीआई) प्रयागराज केंद्र द्वारा आयोजित तकनीकी संगोष्ठी "टेक कनेक्ट" में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) परियोजना की उपलब्धियों, आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों और देश की माल परिवहन व्यवस्था में आए व्यापक परिवर्तन पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने इसे भारत की आर्थिक प्रगति, औद्योगिक विकास तथा आधुनिक रेल अवसंरचना का सशक्त आधार बताया।

होटल ब्लेसिंग्स इम्पीरिया में आयोजित इस तकनीकी सत्र को जेके सीमेंट लिमिटेड के सहयोग से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ आईसीआई प्रयागराज केंद्र के सचिव मयंक त्रिपाठी के स्वागत उद्बोधन से हुआ। इसके उपरांत आईसीआई के अध्यक्ष गुलाब चंद्र दुबे, मुख्य अतिथि एवं डीएफसीसीआईएल के मुख्य महाप्रबंधक ए.बी. सरन, जेके सीमेंट के जोनल प्रमुख ई. रंजय कुमार, पश्चिम मध्य रेलवे के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता अनिल कुमार पांडे तथा मुख्य वक्ता मन्नू प्रकाश दूबे ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।

तकनीकी सत्र में वरिष्ठ अभियंता आनंद भूषण पांडे ने यमुना एवं टोंस नदियों पर निर्मित विशाल रेल पुलों की अभियांत्रिकी विशेषताओं और निर्माण अनुभवों को साझा किया। वहीं सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता अनिल कुमार पांडे ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर में प्रयुक्त विशाल इस्पाती गर्डरों की संरचना, मजबूती तथा तकनीकी विशेषताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार मालवीय ने बताया कि इस प्रकार के तकनीकी संवाद न केवल अभियंताओं एवं विशेषज्ञों के ज्ञानवर्धन में सहायक हैं, बल्कि आधुनिक रेल अवसंरचना, सुरक्षित एवं तीव्र माल परिवहन तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित करते हैं।