24 साल बाद सीबीआई के शिकंजे में आया गढ़वा किला मूर्ति चोरी कांड का फरार आरोपित

24 साल बाद सीबीआई के शिकंजे में आया गढ़वा किला मूर्ति चोरी कांड का फरार आरोपित

24 साल बाद सीबीआई के शिकंजे में आया गढ़वा किला मूर्ति चोरी कांड का फरार आरोपित

नई दिल्ली, 05 जुलाई । केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने वर्ष 2002 के चर्चित गढ़वा किला मूर्ति चोरी और हत्या मामले में 24 वर्षों से फरार चल रहे आरोपित रामनारायण उर्फ हैदर को उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले के सभी फरार आरोपितों का पता लगा लिया गया है और अब वे कानून के अनुसार मुकदमे का सामना करेंगे।

सीबीआई के अनुसार, रामनारायण उर्फ हैदर को 4 जुलाई को फतेहपुर जिले के खखरेरू थाना क्षेत्र के नसीरपुर गांव से गिरफ्तार किया गया। मामला प्रयागराज जिले के संरक्षित पुरातात्विक स्थल गढ़वा किला से भगवान बुद्ध की प्राचीन पत्थर की मूर्ति चोरी और चौकीदार की हत्या से जुड़ा है।

मूल रूप से यह मामला शंकरगढ़ थाने में अपराध संख्या 43/2002 के रूप में दर्ज किया गया था। बाद में 9 सितंबर 2003 को सीबीआई ने इसकी जांच अपने हाथ में ली। आरोप है कि 21-22 अप्रैल 2002 की रात विजय कुमार शुक्ला के नेतृत्व में 11 लोगों के गिरोह ने गढ़वा किला में डकैती की थी। इस दौरान किला परिसर में तैनात चौकीदार विनोद कुमार श्रीवास्तव की मारपीट कर और मुंह बांधकर हत्या कर दी गई थी। गिरोह ने एक अन्य चौकीदार को भी काबू में कर लिया था और स्टोर रूम का ताला तोड़कर भगवान बुद्ध की बहुमूल्य पत्थर की मूर्ति चोरी कर ली थी। मूर्ति को निकालते समय वह दो टुकड़ों में टूट गई थी।

जांच में पता चला कि चोरी की गई मूर्ति के दोनों हिस्सों को वाहन से ले जाकर विजय कुमार शुक्ला ने दो व्यक्तियों को लगभग 2.20 लाख रुपये में बेच दिया था। बाद में मूर्ति को दिल्ली के महिपालपुर स्थित एक गोदाम में रखा गया और वहां से विदेश भेज दिया गया।

सीबीआई ने जांच पूरी करने के बाद 22 दिसंबर 2005 को 10 आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। इनमें विजय कुमार शुक्ला, रवि करण, सूरज भान और रामनारायण उर्फ हैदर फरार थे। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई ने विशेष टीमें गठित कर लगातार खुफिया जानकारी जुटाई और निगरानी अभियान चलाया।

सीबीआई ने इसी वर्ष 22 मई को सूरज भान और 2 जून को रवि करण को गिरफ्तार किया था। वहीं मुख्य आरोपित विजय कुमार शुक्ला का पता उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिला कारागार में चला, जहां वह दूसरे मामले में बंद है। उसे इस मामले में पेश कराने के लिए सीबीआई ने 16 जून को सक्षम न्यायालय में आवश्यक प्रक्रिया शुरू की थी।

सीबीआई ने कहा कि रामनारायण उर्फ हैदर की गिरफ्तारी के साथ अब मामले के सभी फरार आरोपितों का पता लगा लिया गया है और सभी के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा चलाया जाएगा।