जनपद की बस्तियों में 900 संदिग्धों का सत्यापन, 300 आइडी मिली संदिग्ध : डीसीपी क्राइम
जनपद की बस्तियों में 900 संदिग्धों का सत्यापन, 300 आइडी मिली संदिग्ध : डीसीपी क्राइम
कानपुर में संदिग्ध रोहिंग्याओं के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के दौरान, जनपद की बस्तियों में लगभग 900 ऐसे लोग पाए गए हैं जो असम, झारखंड, बंगाल सहित विभिन्न राज्यों से हैं। इन लोगों में से लगभग 300 के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज (आईडी) संदिग्ध पाए गए हैं। इन संदिग्ध आईडी को संबंधित जिलों के अधिकारियों को जांच के लिए भेजा गया है। इनमें से लगभग 196 आधार कार्ड अकेले असम के बारपेटा जिले के हैं। यह जानकारी डीसीपी क्राइम एसएम कासिम आबिदी ने गुरुवार को दी।
यह गहन तलाशी अभियान अप्रैल महीने से चल रहा है। शासन के आदेश के बाद, पुलिस ने थानावार जांच शुरू की थी। इस जांच के लिए संबंधित थानों और स्थानीय इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) की संयुक्त टीमों का गठन किया गया और शहर के विभिन्न क्षेत्रों में छानबीन की गई। डीसीपी क्राइम एसएम कासिम आबिदी की टीम भी इस ऑपरेशन में सक्रिय रूप से शामिल है।
सर्च ऑपरेशन के दौरान शहर के 14 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की गई, जहां कई ऐसे लोग मिले जो ठीक से हिंदी भी नहीं बोल पा रहे थे। पुलिस की पूछताछ में जब उनसे आधार कार्ड में पता न बदलवाने का कारण पूछा गया, तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
वर्तमान में, इन संदिग्धों के पते का सत्यापन संबंधित राज्यों की पुलिस के माध्यम से कराया जा रहा है। इसके लिए असम, झारखंड और पश्चिम बंगाल की पुलिस को पत्र भेजे गए हैं। सत्यापन पूरा होने के बाद ही इनकी नागरिकता और कानूनी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक इन संदिग्धों को डिटेंशन में नहीं लिया जा सकता है, लेकिन पुलिस की कड़ी निगरानी उन पर जारी है।
इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर से अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वाले रोहिंग्याओं और उनकी पहचान के संकट को उजागर कर दिया है। प्रशासन अब और कड़े कदम उठाने की तैयारी में है।