कविताएं सामाजिक सरोकारों से रुबरु कराती हैं: कवीन्द्र प्रताप सिंह

- कविताएं समाज को आईना दिखाती हैं: पायल सिंह -‘ठिठोली के रंग और काव्य के संग’ कवि सम्मेलन

कविताएं सामाजिक सरोकारों से रुबरु कराती हैं: कवीन्द्र प्रताप सिंह

प्रयागराज, 14 मार्च । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में हिन्दुस्तानी एकेडेमी एवं हरे राम सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को हिन्दुस्तानी एकेडेमी में ‘ठिठोली के रंग और काव्य के संग’ कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।

सर्वप्रथम एकेडेमी परिसर में स्थापित पं. बालकृष्ण भट्ट, राजर्षि पुरूषोत्तम दास टण्डन एवं सुभद्रा कुमारी चौहान की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कवि सम्मेलन के मुख्य अतिथि कवीन्द्र प्रताप सिंह, अध्यक्ष विश्व हिन्दू परिषद काशी प्रांत रहे।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि कवीन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि ‘मेरा कविता से कोई वास्ता नहीं है, लेकिन कविताएं सामाजिक सरोकारों से रुबरु कराती हैं और समाज को दिशा प्रदान करती हैं।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में एकेडेमी की कोषाध्यक्ष पायल सिंह ने आमंत्रित अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ‘कविताएं समाज को आईना दिखाती हैं। इसी क्रम में यह आयोजन समाज में व्याप्त कुरीतियों पर प्रहार करेगी।’

कवि सम्मेलन में आमंत्रित रचनाकारों का स्वागत एवं सम्मान एकेडेमी की कोषाध्यक्ष पायल सिंह ने किया। जिसमें प्रयागराज से शैलेन्द्र मधुर, डॉ. सुनील विक्रम सिंह, अमित मिश्रा, नज़र इलाहाबादी, राधेश्याम भारती, डॉ. जी गणेशन मिश्र ‘समीर’, शिवम भगवती, शाम्भवी सिंह (मुम्बई), शुभम मिश्रा (दिल्ली), डंडा बनारसी (वाराणसी), नरकंकरल (रायबरेली) ने काव्य पाठ किया। कवि सम्मेलन में कवियो ने कविता के सभी रसों से सराबोर किया तथा समाज की विसंगतियों पर प्रहार करते हुए कविताएं सुनायी गयीं। रचनाकारों ने रचनाओं में विविध रंग उड़ेले जिनका रसास्वादन करके श्रोता भाव विभोर हो गये।

इस अवसर पर देश के वरिष्ठ कवि हरेन्द्र प्रताप सिंह ने अपनी सदाबहार कविता ‘आज की पत्रकारिता’ में व्यंग्य किया - मैं कलमकार हूं, पत्रकारिता कर रहा हूं। बेईमानी के काले तवे पर, ईमानदारी की सफेद रोटियां सेंक रहा हूं!

डंडा बनारसी (वाराणसी) ने कहा कि उनको कश्मीर बुलाया तो बुरा मान गए, 370 हटाया तो बुरा मान गए। रोज सरहद से दिखाते हथियार मुझे, मैने उनको जब दिखाया तो बुरा मान गए!

कवि सम्मेलन की अध्यक्षता हरेन्द्र प्रताप सिंह (नई दिल्ली) एवं संचालन डॉ. अनन्त सिंह ने किया। अन्त में धन्यवाद ज्ञापन एकेडेमी की कोषाध्यक्ष पायल सिंह ने किया। कार्यक्रम में उपस्थित विद्धानों में राम नरेश तिवारी ‘पिवण्डीवासा’, गोपालजी पाण्डेय, संजय कुमार सिंह, वीरेन्द्र तिवारी, सुनील दानिश, जीतेन्द्र मिश्र ‘जलज’, श्याम प्रकाश पाण्डेय, संतोष तिवारी, शुभम पाण्डेय सहित शोधार्थी एवं शहर के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।