राष्ट्रीय युवा महोत्सव में तीन पदकों से शोभित हुआ गोरखपुर विश्वविद्यालय
राष्ट्रीय युवा महोत्सव में तीन पदकों से शोभित हुआ गोरखपुर विश्वविद्यालय
गोरखपुर, 14 मार्च । दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक प्रतिभा ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट पहचान स्थापित की है। भारतीय विश्वविद्यालय संघ (AIU) द्वारा आयोजित 39वें अंतर विश्वविद्यालय राष्ट्रीय युवा महोत्सव का आयोजन सत्यभामा इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, चेन्नई (तमिलनाडु) में दिनांक 10 मार्च से 14 मार्च 2026 तक भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय महोत्सव में देशभर के 120 विश्वविद्यालयों के 4000 से अधिक प्रतिभागियों ने विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इस राष्ट्रीय युवा महोत्सव में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर की 10 सदस्यीय टीम ने दो प्रमुख विधाओं तथा सांस्कृतिक यात्रा (cultural procession)में प्रतिभाग करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय को तीन पदकों से गौरवान्वित किया। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय ने रंगोली विधा में तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि माइम (मूक अभिनय) प्रतियोगिता में भी उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए चतुर्थ स्थान हासिल किया। इसके अतिरिक्त कल्चरल प्रोसेशन में भी गोरखपुर विश्वविद्यालय की टीम ने अपनी सशक्त सांस्कृतिक प्रस्तुति से तृतीय स्थान अर्जित कर विश्वविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।
इस युवा महोत्सव में गोरखपुर विश्वविद्यालय की टीम का प्रतिनिधित्व टीम मैनेजर के रूप में डॉ. हर्षवर्धन सिंह तथा अभिषेक श्रीवास्तव कर रहे है। विश्वविद्यालय की टीम ने दो विधाओं में प्रतिभाग कर दोनों में पदक अर्जित किए, जो विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक क्षमता और विद्यार्थियों की रचनात्मक ऊर्जा का प्रमाण है।
प्रतियोगिता में रंगोली विधा में रोहित प्रजापति ने अपनी कलात्मकता और सृजनात्मक दृष्टि का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं माइम (मूक अभिनय) प्रतियोगिता में लाभांश गुप्ता, तनीषा यादव, पृथ्वी गुप्ता, सिद्धि निराला, आंचल शुक्ला, आशीर्वाद श्रीवास्तव तथा हिंदकेसरी यादव ने “जल संरक्षण” विषय पर अत्यंत प्रभावशाली और संवेदनशील प्रस्तुति दी, जिसके माध्यम से उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया और निर्णायकों तथा दर्शकों की सराहना प्राप्त की।
विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि पर शनिवार काे कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने सभी प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि हमारे विद्यार्थियों के भीतर असीम प्रतिभा और सृजनात्मक क्षमता निहित है। आवश्यकता केवल उन्हें उपयुक्त मंच और अवसर प्रदान करने की है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन पूरे वर्ष होना चाहिए, जिससे विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को निखारने और प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हो।