शान्ति और सुगमता के साथ सकुशल सम्पन्न हुआ माघी पूर्णिमा स्नान

शाम छह बजे तक दो करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई महाकुम्भ में पवित्र डुबकी

शान्ति और सुगमता के साथ सकुशल सम्पन्न हुआ माघी पूर्णिमा स्नान

महाकुम्भ नगर, 12 फरवरी (हि.स.)। माघी पूर्णिमा स्नान पर्व पर प्रयागराज की पावन भूमि पर शाम 6 बजे तक 2 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा-यमुना व अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में आस्था की डुबकी लगायी। शुभ मुहूर्त के बाद से शुरू हुआ सिलसिला देर शाम तक अनवरत जारी है। पुलिस अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे और यह पर्व सकुशल सम्पन्न हो गया।

माघी पूर्णिमा स्नान पर्व पर एडीजी प्रयागराज जोन प्रयागराज भानु भास्कर, डीआईजी वैभव कृष्ण, मेलाधिकारी विजय किरण आनंद व एसएसपी राजेश द्विवेदी ने लगातार मेला क्षेत्र में ही रहकर भीड़ नियंत्रण व सुगम आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित कराते रहे। देश व विदेश के विभिन्न देश से आए करोड़ों श्रद्धालुओं एवं स्नानार्थियों में संगम स्नान व धर्म आस्था के प्रति काफी उत्साह देखने को मिला। महाकुम्भ मेला क्षेत्र के संगम सहित अन्य स्नान घाटों पर मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों पर महाकुम्भ पुलिस व मेला प्रशासन ने हेलीकॉप्टर के माध्यम से करोड़ों श्रद्धालुओ, स्नानार्थियों,कल्पवासियों पर पुष्प वर्षा की गई |

आयुष्मान व सर्वार्थ सिद्ध-सौभाग्य के योग से युक्त माघी पूर्णिमा पर्व पर सुनहरे मौसम व खिलखिलाती धूप के मध्य संगम में करोड़ों श्रद्धालुओं,स्नानार्थियों व लाखों कल्पवासियो ने पूण्य व आस्था की डुबकी लगाई। माघी पूर्णिमा स्नान पर्व से ही कल्पवास का संकल्प पूर्ण हुआ एवं कल्पवासी आध्यात्मिक ऊर्जा एकत्र कर वर्ष भर के लिए अपने-अपने गंतव्य को लौटते दिखाई पड़े। माघी पूर्णिमा स्नान के उपरांत कल्पवास का संकल्प पूर्ण करके देश के कोने-कोने से आए हुए कल्पवासी मां गंगा से अगले वर्ष फिर आने का आशीष लेकर अपने-अपने घरों को प्रस्थान कर रहे हैं।

'इंटीग्रेटेड कमाण्ड कंट्रोल सेंटर' के माध्यम से सम्पूर्ण महाकुम्भ मेला क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे व ड्रोन से चप्पे-चप्पे पर सतर्क दृष्टि रखी गयी। ‘पब्लिक एड्रेस सिस्टम’ के माध्यम से लगातार अनुरोध किया गया कि सावधानी पूर्वक स्नान करके सकुशल अपने गंतव्य को वापस जाएं। श्रद्धालुओं को असुविधा न हो इसके दृष्टिगत संपूर्ण मेला क्षेत्र के 36 स्थानों पर पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गयी।

महाकुम्भ मेला क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान पुलिस कर्मियों में सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ श्रद्धालुओ एवं स्नानार्थियों के प्रति सेवा का भाव भी दिखाई पड़ा एवं सम्पूर्ण महाकुम्भ मेला क्षेत्र में स्थित नव निर्मित खोया पाया केन्द्रों के माध्यम से भूले भटकों को उनके परिजनों से मिलाया गया। पुलिस बल का समर्पित योगदान व प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग प्रशंसनीय रहा,पुलिस व प्रशासन के आला अफसरों के अथक प्रयासों के फल स्वरूप माघी पूर्णिमा का यह स्नान पर्व शान्ति और सुगमता के साथ सकुशल सम्पन्न हुआ।