शिक्षक भर्ती मामले में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने उपमुख्यमंत्री मौर्य का आवास घेरा

शिक्षक भर्ती मामले में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने उपमुख्यमंत्री मौर्य का आवास घेरा

शिक्षक भर्ती मामले में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने उपमुख्यमंत्री मौर्य का आवास घेरा

लखनऊ, 02 फरवरी। उच्चतम न्यायालय में सुनवाई न होने से नाराज राज्य में 69 हजार शिक्षक भर्ती में शामिल आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने सोमवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास का घेराव किया। अभ्यर्थियों ने जमकर नारेबाजी कर उपमुख्यमंत्री के घर के सामने धरना दिया। बाद में पुलिस ने धरने पर बैठे अभ्यर्थियाें काे सभी को बस में भरकर धरना स्थल इको गार्डेन भेज दिया। अभ्यर्थियाें का आराेप है कि उच्च न्यायलय का जो फैसला आया था, सरकार ने उसे जानबूझ कर लटका दिया।

धरना व प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अमरेंद्र पटेल ने बताया कि वर्ष 2018 में यह भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। जब इसका परिणाम आया तो इसमें व्यापक स्तर पर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया गया और उन्हें नौकरी देने से वंचित कर दिया गया। एक लंबे आंदोलन और न्यायिक प्रक्रिया से गुजरने के बाद बीते 13 अगस्त 2024 को लखनऊ उच्च न्यायालय की के डबल बेंच ने हम आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के हित में फैसला सुनाया और नियमों का पालन करते हुए अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिए जाने का आदेश दिया। लेकिन सरकार इस प्रकरण में हीला हवाली कर रही है।

पटेल ने कहा कि उन्होंने इससे पहले भी कई बार केशव प्रसाद मौर्य के आवास का घेराव किया था, तब उन्होंने त्वरित न्याय किए जाने की बात कही थी और हम अभ्यर्थियों से मुलाकात भी की थी। पटेल ने कहा कि माैर्य की बात को भी अधिकारियों ने नहीं माना अब यह मामला उच्चतम न्यायलय में चला गया। हम पिछड़े दलित गरीब अभ्यर्थी अधिकारियों और सरकार के इस रवैया से काफी हताश और परेशान हैं। जो काम कुछ दिनों में हो सकता था उसे इतना लंबा जानबूझकर टाल दिया गया है।

उन्हाेंने कहा कि उपमुख्यमंत्री का त्वरित न्याय की टिप्पणी, खाने के दांत अलग और दिखाने के दांत अलग साबित हुआ। त्वरित न्याय की कोई सीमा होती है यह नहीं की महीनों मामला लटक रहे। आंदोलन में विक्रम यादव, अमित मौर्या, अनिल, धंनंजय, अनिल कुमार, मो. इरशाद, राहुल मौर्या, उमाकांत मौर्या, शिव मौर्या, अर्चना मौर्या, कल्पना, शशि पटेल आदि अभ्यर्थी शामिल रहे।