कांग्रेस पार्षद दल के नेता गुलशन अंसारी ने मीट-मांस की दुकानें काशी से बाहर करने का कोई प्रस्ताव नहीं दिया था: राघवेंद्र चौबे
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ने किया दावा,नगर निगम प्रशासन ने स्वीकार की अपनी भूल
वाराणसी, 12 जून । उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी (काशी) में मीट-मांस की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित किए जाने को लेकर हाल के दिनों में उठे विवाद पर नगर निगम प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने इसे सत्य की जीत बताया है। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने शुक्रवार को कहा कि नगर निगम प्रशासन ने स्वीकार किया है कि कांग्रेस पार्षद दल के नेता गुलशन अंसारी द्वारा ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया था।
गौरतलब है कि पिछले दिनों विभिन्न माध्यमों में यह चर्चा सामने आई थी कि काशी शहर से मीट-मांस की दुकानों को बाहर किए जाने का प्रस्ताव कांग्रेस पार्षद दल के नेता गुलशन अंसारी की ओर से दिया गया है। इस दावे का गुलशन अंसारी ने तत्काल खंडन करते हुए इसे तथ्यहीन और भ्रामक बताया था।
अंसारी ने महापौर एवं नगर निगम प्रशासन से मांग की थी कि यदि उनके नाम से ऐसा कोई प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है तो उसकी प्रति सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहा था कि यदि ऐसा कोई दस्तावेज उपलब्ध है तो उसे जनता के सामने रखा जाए, अन्यथा कांग्रेस पार्षद दल को बदनाम करने और जनता को भ्रमित करने का प्रयास बंद किया जाए।
कांग्रेस के वाराणसी महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने दावा किया कि कांग्रेस की ओर से लगातार तथ्यों की मांग किए जाने के बाद नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्षद दल की ओर से मीट-मांस की दुकानों को शहर से बाहर करने संबंधी कोई प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद सभी प्रकार की भ्रांतियों का अंत हो जाना चाहिए।
चौबे ने कहा कि लोकतंत्र में तथ्यों को स्वीकार करना और वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना स्वागत योग्य कदम है। कांग्रेस ने केवल सच्चाई को सामने लाने का प्रयास किया था और अब यह स्पष्ट हो गया है कि गुलशन अंसारी द्वारा ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा कि काशी की पहचान उसकी साझा सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक सद्भाव और गंगा-जमुनी तहजीब से है। किसी भी राजनीतिक या प्रशासनिक निर्णय में इन मूल्यों का सम्मान किया जाना चाहिए।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पार्षद दल के नेता गुलशन अंसारी ने कहा कि उन्होंने केवल इतना आग्रह किया था कि यदि उनके नाम से कोई प्रस्ताव बताया जा रहा है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। अब जबकि नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसा कोई प्रस्ताव मौजूद नहीं था, इसलिए इस विषय पर फैलाई गई गलतफहमियों को समाप्त हो जाना चाहिए।
अंसारी ने कहा कि मीट-मांस कारोबार से जुड़े किसी भी निर्णय में व्यापारियों के हितों और हजारों परिवारों की आजीविका का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस व्यवसाय से बड़ी संख्या में लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है, इसलिए नीति निर्माण के दौरान आर्थिक और मानवीय पहलुओं पर गंभीरता से विचार आवश्यक है।
कांग्रेस नेताओं ने उम्मीद जताई कि नगर निगम भविष्य में तथ्यों और संवाद के आधार पर निर्णय करेगा तथा शहर की मूलभूत समस्याओं—सफाई, जलनिकासी, सड़क, पेयजल और अन्य नागरिक सुविधाओं पर प्राथमिकता के साथ ध्यान केंद्रित करेगा।