चुनार ट्रेन हादसे के पीड़ितों को बड़ी राहत: मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मृतकों के परिजनों को मिले 2-2 लाख रुपये
चुनार ट्रेन हादसे के पीड़ितों को बड़ी राहत: मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मृतकों के परिजनों को मिले 2-2 लाख रुपये
मीरजापुर | 08 नवंबर
गत 5 नवंबर को मीरजापुर की चुनार तहसील में रेलवे ट्रैक पार करते समय हुए एक दर्दनाक हादसे ने पांच जिंदगियों को असमय छीन लिया था। इस हृदय विदारक घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया और प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की थी।
मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता के अनुरूप, शनिवार को यह सहायता राशि मृतकों के परिजनों तक पहुंचा दी गई।
मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से 10 लाख की सहायता
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा घोषित सहायता के क्रम में, मीरजापुर के जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने शनिवार को प्रत्येक मृतक के परिजन को ₹2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। यह राशि सीधे मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष (Chief Minister's Discretionary Fund) से स्वीकृत की गई है।
जिलाधिकारी ने बताया कि उपजिलाधिकारी मड़िहान और तहसीलदार राबर्ट्सगंज (जनपद सोनभद्र) की विस्तृत जांच आख्या के आधार पर यह सहायता राशि स्वीकृत की गई है। यह कदम दर्शाता है कि सरकार संकट की घड़ी में पीड़ितों तक मदद पहुंचाने में कोई देरी नहीं कर रही है।
कुल 10 लाख रुपये की धनराशि (प्रति मृतक ₹2 लाख) टीआर-27 के माध्यम से आहरित कर सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित कर दी गई है।
इन परिवारों को मिली आर्थिक सहायता
यह आर्थिक मदद उन परिवारों के लिए एक जरूरी सहारा है, जिन्होंने इस भीषण हादसे में अपने प्रियजनों को खो दिया। जिन पांच मृतकों के विधिक वारिसों को यह सहायता राशि प्राप्त हुई है, उनमें निम्न नाम शामिल हैं:
- राजकुमार बिंद पुत्र लालबहादुर बिंद
- साधना पुत्री विजयशंकर बिंद
- शिवकुमारी पुत्री विजयशंकर
- अंजू देवी पुत्री श्याम प्रसाद
- कलावती देवी पत्नी जनार्दन यादव
संवेदनशील सरकार का प्रतीक
सहायता राशि के वितरण के दौरान, जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार संवेदनशीलता का प्रतीक है, जो किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में पीड़ित परिवारों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहती है।
जिलाधिकारी ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें आश्वस्त किया कि दुख की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है और उन्हें आगे भी हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
यह त्वरित कार्रवाई न केवल दुखित परिवारों को तत्काल सहारा देती है, बल्कि यह भी स्थापित करती है कि मौजूदा सरकार मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि रखकर कार्य कर रही है।