प्रयागराज में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: 23 किलोग्राम गांजे के साथ एक तस्कर गिरफ्तार,
लाखों की खेप बरामद
प्रयागराज, 11 जुलाई । प्रयागराज पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अपने अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। हंडिया थाना पुलिस ने गांजा तस्करी करने वाले एक गिरोह के सदस्य को रंगे हाथों गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लाखों रुपये का अवैध गांजा बरामद किया है। यह कार्रवाई शुक्रवार, 11 जुलाई को मुखबिर की सटीक सूचना पर अंजाम दी गई।
अपर पुलिस उपायुक्त (गंगानगर) पुष्कर वर्मा ने शुक्रवार को इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि हंडिया थाना क्षेत्र में मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप लाई जा रही है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए हंडिया प्रभारी निरीक्षक नितेन्द्र कुमार शुक्ल के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
गठित टीम ने हंडिया थाना क्षेत्र के महुआडीह गांव के पास घेराबंदी की। सघन चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका और उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पास से भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद हुआ। गिरफ्तार किए गए तस्कर की पहचान महुआडीह गांव निवासी सूरज मिश्रा पुत्र धीरेंद्र नाथ मिश्रा के रूप में हुई है।
पुलिस द्वारा बरामद किए गए गांजे की कुल मात्रा 23 किलोग्राम है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख 40 हजार रुपये आंकी गई है। यह एक बड़ी बरामदगी मानी जा रही है, जो क्षेत्र में चल रहे अवैध मादक पदार्थ के कारोबार पर एक गहरा चोट है।
एडीसीपी वर्मा ने बताया कि यह गिरफ्तारी अपराधियों और मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक नितेन्द्र कुमार शुक्ल के साथ उपनिरीक्षक गौरव तिवारी, उपनिरीक्षक भूपेन्द्र कुमार, उपनिरीक्षक अजीत कुमार साहनी, उपनिरीक्षक राकेश कुमार गौड़, मुख्य आरक्षी अजीत सिंह और सुब्बा राजभर सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
गिरफ्तार आरोपित सूरज मिश्रा के खिलाफ हंडिया थाने में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनसे जुड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की विधिक कार्रवाई और गहन पूछताछ कर रही है। इस कार्रवाई को प्रयागराज को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।