अद्भुत संयोग: महाकुम्भ में पहली बार होगा चारों पीठ का संगम

अद्भुत संयोग: महाकुम्भ में पहली बार होगा चारों पीठ का संगम

अद्भुत संयोग: महाकुम्भ में पहली बार होगा चारों पीठ का संगम

महाकुम्भ नगर,10जनवरी(हि. स.)।महाकुम्भ में इस बार कई अद्भुत संयोग देखने को मिल रहे हैं।आस्था के इस महाकुम्भ में जहां देश-विदेश के करोड़ों लोग आ रहे हैं,वहीं पहली बार ऐसा हो रहा है जब सनातन परम्परा के चारों सर्वोच्च पीठों का भी संगम होगा।यह एक अद्भुत संयोग है जो पहली बार हो रहा है।उल्लेखनीय है कि इस महाकुम्भ में पहली बार शृंगेरी पीठ के शंकराचार्य आएंगे। शृंगेरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी भारती तीर्थ मौनी अमावस्या पर महाकुम्भ में पहुंचेंगे। शंकराचार्य मार्ग स्थित उनके आश्रम में तैयारियां पूर्ण हो गई हैं।

महाकुम्भ में ऐसा पहली बार हो रहा है,जब सनातन के चारों पीठों का मिलन होगा। कुंभ और महाकुम्भ के इतिहास में इसे अद्भुत संयोग के रूप में देखा जा रहा है।बताया जा रहा है कि पहली बार कर्नाटक स्थित शृंगेरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी भारती तीर्थ ने महाकुम्भ का आमंत्रण स्वीकार किया है।

अभी तक प्रयागराज कुम्भ और महाकुम्भ में केवल तीन द्वारका-शारदा, ज्योतिष्पीठ के अलावा पुरी पीठ के शंकराचार्य ही आते रहे हैं। शृंगेरी पीठ से जुड़े लोगों का कहना है कि स्वामी भारती तीर्थ 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के सबसे बड़े शाही स्नान पर्व पर संगम में शिष्यों, अनुयायियों और संतों के साथ डुबकी लगाएंगे।पीठ के शंकराचार्य 25 से 30 जनवरी तक शिविर में सत्संग और समसामयिक विषयों पर भक्तों का मार्ग दर्शन करेंगे।

इस अवसर पर संतों-भक्तों और विश्व के कल्याण के लिए विविध अनुष्ठान भी किए जाएंगे।उल्लेखनीय है कि इसके पहले वर्ष 1994 में शंकराचार्य भारती तीर्थ ने अपनी प्रयाग यात्रा की थी।जिसमें उन्होंने पीठ द्वारा संचालित धर्मशाला परिसर में शारदांबा मंदिर और मठ के निर्माण की आधारशिला रखी थी,यहां भी उनके आगमन पर भक्तों और संतों का जमावड़ा होगा,जिसके लिए विशेष तैयारियां हो रही हैं।