Vaibhav Vyapar IPO Listing: शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत, निवेशकों को पहले दिन 1.76% का नुकसान

₹54 के इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹52.90 पर हुई लिस्टिंग, कारोबार के अंत में ₹53.05 पर बंद हुआ शेयर; कंपनी का IPO कुल 2.60 गुना सब्सक्राइब हुआ था

Vaibhav Vyapar IPO Listing: शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत, निवेशकों को पहले दिन 1.76% का नुकसान

नई दिल्ली, 21 अक्टूबर कम आय वर्ग के लोगों को लोनफ्रंट प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल लोन सर्विस देने वाली फिनटेक कंपनी वैभव व्यापार लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में गिरावट के साथ एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 54 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 2.04 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 52.90 रुपये के स्तर पर हुई।

कमजोर लिस्टिंग के बाद खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी, जिससे इस शेयर की स्थिति में सुधार होने लगा। लगातार हो रही खरीदीरी के सपोर्ट से ये शेयर उछल कर 53.90 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, इसके बाद बिकवाली का दबाव बन जाने ये 50.30 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक गिर गया। हालांकि, बाद मे खरीदारों ने लिवाली शुरू कर इसके लोअर सर्किट को ब्रेक कर दिया। पूरे दिन के कारोबार के बाद ये शेयर 53.05 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 0.95 रुपये यानी 1.76 प्रतिशत का नुकसान हो गया।

इस कंपनी का 42.10 करोड़ रुपये का आईपीओ 13 से 15 अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 2.60 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 1.35 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 6.61 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 2.66 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 77.96 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ में शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

वैभव व्यापार लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 45 लाख रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1.48 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 में और उछल कर 1.97 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों यानी 31 जुलाई 2026 तक कंपनी को 3.01 करोड़ रुपये का शानदार शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी मामूली उतार-चढ़ाव के बावजूद बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 25.46 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में थोड़ा घट कर 25.34 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 37.64 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की इसी अवधि यानी 31 जुलाई 2026 तक कंपनी को 18.15 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार-चढ़ाव देखा गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 26.76 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 22.66 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो व्यवसाय बढ़ने के साथ कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ फिर बढ़ कर 46.80 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती महीनों यानी 31 जुलाई 2026 तक कंपनी पर कुल कर्ज का बोझ कम होकर 37.90 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा हुआ था।

कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में उतार-चढ़ाव के साथ बढ़ा है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 21.71 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 23.19 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा और 2025-26 में मामूली गिरावट के साथ 21.14 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहले चार महीने की अवधि यानी 31 जुलाई 2026 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भारी उछाल के साथ 37.00 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 25.74 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 27.22 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 29.19 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की 31 जुलाई 2026 तक की अवधि में कंपनी का कुल नेटवर्थ 47.20 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।

इसी तरह, कंपनी का कामकाजी मुनाफा यानी ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) भी 2023-24 में 5.38 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 7.07 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 10.84 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की 31 जुलाई 2026 तक की अवधि में कंपनी का ईबीआईटीडीए 7.51 करोड़ रुपये के स्तर पर दर्ज किया गया था।