प्रयागराज: सेंसर और फोटोनिक उपकरण आधुनिक तकनीक के विकास में अहम: प्रो. मुकुल एस. सुतावाने
प्रयागराज: सेंसर और फोटोनिक उपकरण आधुनिक तकनीक के विकास में अहम: प्रो. मुकुल एस. सुतावाने
प्रयागराज, 27 अक्टूबर । सेंसर और फोटोनिक उपकरण आधुनिक तकनीक के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा संचयन और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में इनका उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इन तकनीकों से अनुसंधान और नई खोजों को भी बढ़ावा मिल रहा है।
यह बातें भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी), इलाहाबाद के निदेशक प्रो. मुकुल एस. सुतावाने ने मंगलवार को संस्थान के झलवा परिसर में कहीं। वह संस्थान के ऑप्टिका स्टूडेंट चैप्टर की ओर से आयोजित ‘सेंसर एवं फोटोनिक उपकरण’ विषयक पांच दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में देश के विभिन्न संस्थानों से आए 90 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।
कार्यशाला में मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के डॉ. दीपक पुनेठा ने ऊर्जा संचयन, लचीले सेंसर और स्वास्थ्य सेवा में उनके उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्व-संचालित पहनने योग्य तकनीक स्वास्थ्य की निगरानी के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल रही है। इन तकनीकों की मदद से स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों पर नजर रखने और बेहतर सुविधाएं विकसित करने में सहायता मिल सकती है।
प्रो. अखिलेश तिवारी ने फोटोनिक क्रिस्टल और सेंसर तकनीक के विभिन्न अनुप्रयोगों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इन तकनीकों के माध्यम से अनुसंधान और तकनीकी विकास की संभावनाओं की जानकारी दी। तकनीकी सत्रों में शोधार्थियों, स्नातकोत्तर और स्नातक विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की। इससे प्रतिभागियों को विषय विशेषज्ञों के विचार जानने और अपने ज्ञान को बढ़ाने का अवसर मिला।
उद्घाटन सत्र में ट्रिपल आईटी के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आशुतोष सिंह ने भी विचार रखे। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सनी शर्मा ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य उभरती सेंसर तकनीकों, फोटोनिक उपकरणों, जैव-चिकित्सा अनुप्रयोगों और स्व-संचालित प्रणालियों के क्षेत्र में ज्ञान का आदान-प्रदान करना तथा अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देना है।
कार्यशाला के आगामी चार दिनों में धीरूभाई अंबानी सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी संस्थान, गांधीनगर के डॉ. अजय बेनीवाल, थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डॉ. अनिल सिंह, वाराणसी के डॉ. शिवम वर्मा और केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन, चंडीगढ़ की वैज्ञानिक-एफ डॉ. सुदेशा बागची विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे। इन सत्रों में जैव-चिकित्सा तकनीक और सेंसर अनुसंधान के क्षेत्र में हो रही नई प्रगति पर चर्चा होगी। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।