प्रयागराज में अतीक अहमद से जुड़ी 14 संपत्तियां कुर्क, कीमत करीब 30 करोड़ रुपये होने का दावा

धूमनगंज क्षेत्र के भीटी-असदुल्लापुर में करीब 11 बीघा जमीन पर कार्रवाई; गैंगस्टर एक्ट के तहत पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम पहुंची

प्रयागराज में अतीक अहमद से जुड़ी 14 संपत्तियां कुर्क, कीमत करीब 30 करोड़ रुपये होने का दावा

प्रयागराज: माफिया से राजनेता बने अतीक अहमद के अंत को भले ही समय बीत चुका हो, लेकिन उसके द्वारा खड़े किए गए अपराध और आतंक के वित्तीय साम्राज्य की परतें आज भी प्रशासन की जांच में लगातार उधड़ रही हैं। इसी कड़ी में सोमवार को प्रयागराज पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने गैंगस्टर एक्ट के तहत एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। धूमनगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भीटी (असदुल्लापुर) इलाके में लगभग 11 बीघा जमीन पर फैली 14 बेनामी भूखंडों (Plots) को प्रशासन ने कुर्क कर लिया है। सरकारी और बाजार के अनुमानों के मुताबिक, कुर्क की गई इन जमीनों की कुल कीमत लगभग 30 करोड़ रुपये आंकी गई है।

फरार शाइस्ता परवीन के लिए तैयार हो रहा था आशियाना

प्रशासनिक कार्रवाई के बाद सामने आई ग्राउंड रिपोर्ट और खुफिया इनपुट ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जिस बेशकीमती जमीन पर यह कार्रवाई की गई है, वह शहर की एक प्राइम लोकेशन पर स्थित है। घनी आबादी के बीच स्थित इस जमीन की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह प्रयागराज एयरपोर्ट से महज कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है। इसके ठीक आसपास 'यूनाइटेड मेडिसिटी' जैसी बड़ी यूनिवर्सिटी और मेडिकल संस्थान मौजूद हैं।

जांच में यह बात सामने आई है कि माफिया अतीक अहमद इस बड़ी जमीन पर अपनी फरार चल रही पत्नी शाइस्ता परवीन के लिए एक भव्य और सुरक्षित 'फार्म हाउस' बनवाने की योजना बना रहा था। मौके पर स्थिति का जायजा लेने पर पता चला कि वहां पहले से ही कई बड़े-बड़े खजूर के पेड़ लगाए गए थे और अतीक के गुर्गों द्वारा अलग-अलग आराजी नंबरों के तहत इस पूरी जमीन की घेराबंदी कर अवैध कब्जा जमाया गया था।

मदनलाल भारतीय के नाम पर दर्ज थी बेनामी संपत्ति

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, अतीक अहमद ने अपने खौफ और आपराधिक रसूख का इस्तेमाल करते हुए स्थानीय लोगों को डरा-धमकाकर यह जमीन औने-पौने दामों पर हथियाई थी। कानून की नजर से बचने और काले धन को सफेद करने के लिए इस संपत्ति को एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति, मदनलाल भारतीय के नाम पर बेनामी रूप से दर्ज कराया गया था, ताकि किसी को शक न हो।

इस अवैध साम्राज्य का पर्दाफाश करने में स्थानीय पुलिस और प्रशासन की लंबी मेहनत शामिल है। इस बेनामी संपत्ति की विस्तृत और पुख्ता रिपोर्ट धूमनगंज थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्य और तत्कालीन एसडीएम सदर अभिषेक सिंह द्वारा संयुक्त रूप से तैयार कर शासन को भेजी गई थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर प्रयागराज पुलिस आयुक्त न्यायालय से कुर्की के आदेश जारी किए गए। सोमवार को कैंट और एयरपोर्ट थाने की पुलिस तथा भारी राजस्व विभाग की टीम ने भारी बल के साथ मौके पर पहुंचकर ढोल-नगाड़ों के साथ मुनादी कराई और संपत्तियों पर कुर्की के आधिकारिक बोर्ड चस्पा कर दिए।

अब तक अरबों की संपत्तियां हो चुकी हैं ध्वस्त और सीज

गौरतलब है कि भले ही 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में पुलिस सुरक्षा के बीच अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई हो, लेकिन उत्तर प्रदेश शासन और जिला प्रशासन की 'माफिया विरोधी नीति' के तहत उसके अवैध नेटवर्क पर लगातार प्रहार जारी है। इससे पहले भी जुलाई 2026 (नोट: रिपोर्टिंग तिथियों के अनुसार हालिया वर्षों का संदर्भ) में अतीक, उसके भाई और फरार शाइस्ता परवीन से जुड़ी 345 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्तियों और बैंक खातों को कुर्क व सीज किया जा चुका है।

प्रशासन अब इस बात की भी गहराई से जांच कर रहा है कि अतीक अहमद ने अपने सिंडिकेट के जरिए बेनामी संपत्तियों के रूप में अन्य किन-किन लोगों के नाम पर जमीनें और मकान खरीद रखे हैं। इस कार्रवाई से एक बार फिर साफ हो गया है कि कानून का शिकंजा माफिया के करीबियों और उसके अवैध आर्थिक स्रोतों पर पूरी सख्ती से कसता रहेगा।