कानपुर में अभाविप का प्रदर्शन, दिनेश यादव बोले—संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना जरूरी

CSJMU के मुख्य द्वार पर कार्यकर्ताओं ने लगाया ‘लोकतंत्र अपनाओ-अराजकता हटाओ’ का नारा; निर्वाचन आयोग, न्यायालय और चुनावी प्रक्रियाओं की स्वायत्तता के समर्थन में उठाई आवाज।

कानपुर में अभाविप का प्रदर्शन, दिनेश यादव बोले—संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना जरूरी

कानपुर, 16 अक्टूबर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के मुख्य द्वार पर शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं ने संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक मूल्यों के समर्थन में प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के प्रदेश मंत्री दिनेश यादव ने कहा कि राजनीतिक असहमति की आड़ में अराजकता फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिशों का युवा और विद्यार्थी एकजुट होकर विरोध करेंगे।

अभाविप की कानपुर महानगर इकाई ने प्रदर्शन के दौरान ‘लोकतंत्र अपनाओ-अराजकता हटाओ’ का नारा लगाया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग और न्यायालय जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर निराधार सवाल उठाकर उनके प्रति अविश्वास पैदा करने के प्रयासों का विरोध किया। अभाविप ने कहा कि चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर किसी भी तरह की आपत्ति के समाधान के लिए संवैधानिक और कानूनी व्यवस्था मौजूद है। एसआईआर जैसी प्रक्रिया में मतदाता सूची से नाम छूटने पर उसे दोबारा जुड़वाने का निर्धारित प्रावधान भी है। ऐसे में संस्थाओं पर दबाव बनाने के लिए अराजकता का सहारा लेना लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने वाला कदम है।

प्रदेश मंत्री दिनेश यादव ने कहा कि विरोध के नाम पर देश में नेपाल और बांग्लादेश जैसी अस्थिरता पैदा करने की बातें करना संविधान और लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। राजनीतिक मतभेदों को हिंसा और अव्यवस्था का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता बनाए रखना जरूरी है और ऐसी गतिविधियों का जागरूक युवा एकजुट होकर जवाब देंगे।

प्रांत सह मंत्री मयंक ने कहा कि चुनाव सुधार की पारदर्शी प्रक्रियाओं को विवादित बनाकर संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करना अलोकतांत्रिक सोच को दर्शाता है। देश की शांति, अखंडता और संवैधानिक व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कानपुर महानगर मंत्री सुधांशु त्रिपाठी ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन इसका इस्तेमाल जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ किया जाना चाहिए। एसआईआर जैसी चुनावी प्रक्रियाओं पर स्वस्थ चर्चा होनी चाहिए, न कि भ्रम और अविश्वास फैलाया जाना चाहिए। प्रदर्शन में खुशी भारती, प्रभात, आरसी तिवारी, अनामिका, तरुण, प्रथम, मानस, अनुराग शर्मा, प्रखर दीक्षित, स्वतंत्र राजपूत, आर्यन तिवारी और कार्तिकेय राय समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।