वन विभाग के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को हटाकर आउटसोर्सिंग से नियुक्ति मामले में हाईकाेर्ट ने सरकार से मांगी जानकारी

वन विभाग के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को हटाकर आउटसोर्सिंग से नियुक्ति मामले में हाईकाेर्ट ने सरकार से मांगी जानकारी

वन विभाग के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को हटाकर आउटसोर्सिंग से नियुक्ति मामले में हाईकाेर्ट ने सरकार से मांगी जानकारी


प्रयागराज, 26 अक्टूबर )। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने वन विभाग में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को हटाकर आउटसोर्सिंग से कर्मचारियों की नियुक्ति किए जाने के खिलाफ याचिका पर राज्य सरकार से दो हफ्ते में जानकारी मांगी है।

यह आदेश न्यायमूर्ति मनीष निगम ने वन कर्मचारी अनिल कुमार सिंह एवं अन्य की याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता का कहना है कि याचीगण पिछले 15 साल से दैनिक या तय वेतन पर कार्यरत रहे। सुप्रीम कोर्ट ने वन विभाग के दैनिक कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन देने का आदेश दिया तो इन्हें हटा दिया गया और आउटसोर्सिंग कर्मी रख लिए गए हैं।

अधिवक्ता ने कहा कि वन विभाग द्वारा जेम पोर्टल के माध्यम से 15 हजार से अधिक कर्मचारियों को रखे जाने की प्रक्रिया का वर्तमान में कार्यरत लगभग 15 हजार कर्मचारियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इससे कर्मचारियों की स्थिति बदलकर उन्हें वन विभाग के बजाय जेम पोर्टल के माध्यम से नियुक्त ठेकेदारों के कर्मचारी के रूप में माना जा सकता है। दैनिक कर्मचारियों को हटाकर आउटसोर्सिंग से रखना कानून के खिलाफ है। जिसे रद्द करने की मांग की गई है।