महाकुम्भ में बनेंगे कई कीर्तिमान, 4 दिनों में बनेंगे चार विश्व रिकॉर्ड
महाकुम्भ में बनेंगे कई कीर्तिमान, 4 दिनों में बनेंगे चार विश्व रिकॉर्ड

-15 हजार कर्मचारी 10 किमी तक चलाएंगे सफाई अभियान -300 कर्मचारी नदी में उतरकर करेंगे सफाई-10 हजार लोगों के हैंडप्रिंट भी लिए जाएंगे
महाकुम्भनगर, 13 फरवरी (हि.स.)। महाकुम्भ में 14 से 17 फरवरी तक 4 दिनों में 4 विश्व रिकॉर्ड बनेंगे। प्रयागराज मेला विकास प्राधिकरण ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी संगम नगरी पहुंच चुकी है। साल 2019 के कुम्भ में भी तीन विश्व रिकॉर्ड बने थे, इस बार भी नए कीर्तिमान बनेंगे।
13 जनवरी से शुरू हुए महाकुम्भ में अब तक 48 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं। यह अपने आप में सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। महाकुम्भ 2025 को विश्व की अमूर्त धरोहर घोषित किया गया है। अब यह दुनिया का सबसे बड़ा समागम बन चुका है। अब तक किसी भी धर्म में 31 दिनों में 48 करोड़ श्रद्धालु कहीं नहीं जुटे हैं। यह अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है। इसी के साथ अगले 4 दिनों में 4 और भी विश्व रिकॉर्ड बनने जा रहे हैं।
रिकॉर्ड एक, 15 हजार कर्मी चलाएंगे सफाई अभियान
14 फरवरी को 15000 कर्मचारी गंगा घाट पर 10 किलोमीटर तक सफाई अभियान चलाएंगे। गंगा घाटों पर कर्मियों की तैनाती की गई है। कुम्भ 2019 में भी 10 हजार सफाई कर्मचारियों ने एक साथ झाड़ू लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। अब इस रिकॉर्ड को तोड़कर प्रयागराज मेला विकास प्राधिकरण नया इतिहास रचेगा।
रिकॉर्ड दो, नदी की जलधारा में सफाई करेंगे 300 कर्मी
15 फरवरी को 300 कर्मचारी नदी में उतरकर सफाई अभियान चलाएंगे। यह भी नया कीर्तिमान होगा। नदी की जलधारा में एक साथ सफाई कर्मी सफाई अभियान के लिए उतरेंगे।
रिकॉर्ड तीन, त्रिवेणी मार्ग पर चलेंगे 1001 ई-रिक्शा
16 फरवरी को त्रिवेणी मार्ग पर 1001 ई-रिक्शा चलाकर भी रिकॉर्ड बनाया जाएगा।
रिकॉर्ड चार, 10 हजार लोग देंगे अपने हाथों की छाप
मेला अधिकारी विजय किरण आनंद ने बताया कि 17 फरवरी को 10000 लोगों के हाथ के छाप (हैंड प्रिंट) लेने का भी विश्व रिकॉर्ड बनाया जाएगा। चारों रिकॉर्ड बनाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। अगले 4 दिनों में यह सभी रिकॉर्ड बनेंगे। लाखों श्रद्धालु इसके साक्षी बनेंगे।
उल्लेखनीय है कि साल 2019 में लगे कुम्भ में भी कई विश्व रिकॉर्ड बने थे। एक स्थान पर सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं को एकत्र करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया गया था। इसके अलावा सबसे बड़ा स्वच्छता अभियान और सार्वजनिक स्थान पर सबसे बड़ी चित्रकला प्रतियोगिता को भी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला था।