प्रयागराज, काशी और अयोध्या में महाशिवरात्रि का पवित्र स्नान जारी, शिव मंदिरों में उमड़ी भीड़
प्रयागराज, काशी और अयोध्या में महाशिवरात्रि का पवित्र स्नान जारी, शिव मंदिरों में उमड़ी भीड़
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महाकुम्भ नगर, 26 फरवरी (हि.स.)। प्रयागराज में चल रहे विश्व के सबसे बड़े मेले महाकुम्भ में महाशिवरात्रि का स्नान उत्साह और उमंग के बीच जारी है। प्रयागराज के साथ ही साथ भोले बाबा की नगरी काशी और भगवान राम की नगरी अयोध्या में ब्रह्म मुर्हूत से गंगा और सरयू के तटों पर पवित्र स्नान कर रहे हैं। बता दें, 13 जनवरी से शुरू हुये महाकुम्भ का समापन आज शिवरात्रि स्नान के साथ हो जाएगा।
काशी और अयोध्या में उमड़े श्रद्धालु : महाकुम्भ के पलट प्रवाह के चलते काशी और अयोध्या में भी लगातार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंच रही है। प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ और रामलला के दर्शन कर रहे हैं। आज महाशिवरात्रि के अवसर पर काशी में मां गंगा और अयोध्या में सरयू के तट पर सूरज उगने से पहले श्रद्धालुओं की भीड़ स्नान के लिय जुट चुकी थी। स्नान के बाद श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ और राम लला के दर्शन करने के लिये पहुंच रहे हैं। अयोध्या में भगवान शिव को समर्पित नागेश्वर नाथ मंदिर, पंचमुखी महादेव मंदिर, विघ्नेश्वर महादेव मंदिर और अन्य शिवालों में श्रद्धालु दर्शन पूजन कर रहे हैं। हनुमानगढ़ी में भी दर्शन के लिये श्रद्धालु भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शनों के लिये लंबी कतारें लगी हैं। भीड़ इतनी ज्यादा है कि दर्शन करने में 6-8 घंटे का समय लग रहा है।
प्रयागराज के शिवालयों में विशेष तैयारी : महाशिवरात्रि के पर्व पर प्रयागराज के शिवालयों खासतौर पर मनकामेश्वर मंदिर, नागवासुकी मंदिर, दशाश्वमेध मंदिर, सोमेश्वर मंदिर, पडिला महादेव और नागेश्वर धाम समेत आसपास के शिवालयों में खास तैयारी की गई है। इस मौके पर प्रयागराज के शिवालयों में भी शिव भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। सुबह की महाआरती के बाद मंदिरों के पट भक्तों के लिए खुल गए हैं। श्रद्धालु संगम में स्नान के बाद शिवालियों में भी भगवान भोले को जलाभिषेक करते हैं। पंडित अवधेश मिश्र शास्त्री के अनुसार, जो श्रद्धालु भीड़ की वजह से शिवालियों में दर्शन करने या अभिषेक करने नहीं जा सकते हैं। वह संगम तट पर ही रेत से शिवलिंग बनाकर पूजा अर्चना करेंगे तो उन्हें उसी पुण्य की प्राप्ति होगी। उनके मुताबिक, भगवान भोले को प्रसन्न करने के लिए शिव भक्त उनका दूध, गंगा जल, शहद और पंच गव्य से अभिषेक करते हैं।
अब तक 65 करोड़ से ज्यादा कर चुके स्नान : आज महाकुम्भ मेले का अंतिम और 45वां दिन है। मंगलवार को 1.33 करोड़ ने आस्था की डुबकी लगायी थी। आज प्रात: 4 बजे तक 25.64 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके है। मेला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 13 जनवरी से अब तक 65.41 करोड़ श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं। आज मेले का अंतिम दिन है। आज शिवरात्रि पर 3 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। यानी, कुल आंकड़ा 68 से 69 करोड़ तक पहुंच जाएगा।
प्रशासन मुस्तैद : प्रयागराज, काशी और अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते प्रशासन ने खास तैयारियां की हैं। महाकुंभ में आखिरी स्नान को देखते हुए प्रयागराज शहर में 25 फरवरी की शाम से वाहनों की नो-एंट्री कर दी गई है। मेले के अंदर भी वाहन नहीं चल रहे हैं। रात से ही संगम जाने वाले रास्तों पर भारी भीड़ है। संगम घाट पर स्नान के बाद श्रद्धालुओं से घाट खाली कराए जा रहे हैं, ताकि वहां भीड़ न उमड़े।वीआईपी घाट पर नाव सेवा रोक दी गई है। काशी और अयोध्या में भी प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिये खास तैयारी की है।