बीडा में बनेगा डेटा सेंटर क्लस्टर, पेटीएम और सिफी टेक्नोलॉजीज ने दिखाई रुचि
बीडा में बनेगा डेटा सेंटर क्लस्टर, पेटीएम और सिफी टेक्नोलॉजीज ने दिखाई रुचि
झांसी, 12 जून । बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (बीडा) अब झांसी और पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र की नई पहचान गढ़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल बीडा परियोजना में अब आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनियां भी रुचि दिखाने लगी हैं। सरकार की योजना बीडा में डेटा सेंटर का क्लस्टर विकसित करने की है, जिसके लिए कई प्रतिष्ठित कंपनियों ने प्रस्ताव भेजे हैं। इनमें पेटीएम और सिफी टेक्नोलॉजीज प्रमुख हैं।
इन कंपनियों के संभावित निवेश से बुंदेलखंड को तकनीकी क्षेत्र में नई पहचान मिलने की उम्मीद है। साथ ही स्थानीय स्तर पर तकनीकी दक्ष युवाओं के लिए रोजगार और कॅरियर के नए अवसर भी सृजित होंगे। लंबे समय से औद्योगिक विकास की राह देख रहे बुंदेलखंड के लिए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हाल ही में भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने बीडा की ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल सिटी परियोजना को आधिकारिक पर्यावरणीय मंजूरी प्रदान की है। इस मंजूरी के बाद परियोजना के विकास कार्यों में तेजी आई है और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने के बाद विभिन्न क्षेत्रों के निवेशकों का विश्वास बीडा में बढ़ा है। कई सेक्टरों की कंपनियां यहां निवेश की संभावनाएं तलाश रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सक्रियता और निवेशक-अनुकूल नीतियों ने भी बीडा को उद्योग जगत के लिए आकर्षण का केंद्र बनाया है। सरकार की मंशा बुंदेलखंड को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा स्टोरेज के क्षेत्र में मजबूत आधार प्रदान करने की है।
बीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी संजय कुमार खत्री ने बताया कि डेटा सेंटर क्लस्टर विकसित करने की दिशा में कई प्रतिष्ठित कंपनियों ने रुचि दिखाई है। पेटीएम और सिफी टेक्नोलॉजीज के प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन हैं और आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। यदि यह परियोजना मूर्त रूप लेती है तो झांसी और बुंदेलखंड आईटी निवेश के नए केंद्र के रूप में उभर सकते हैं, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और तकनीकी विकास को नई गति मिलेगी।