वर्ष 2007 में दर्ज एफआईआर मामले में सपा नेता आज़म खान की गिरफ्तारी पर रोक

वर्ष 2007 में दर्ज एफआईआर मामले में सपा नेता आज़म खान की गिरफ्तारी पर रोक

वर्ष 2007 में दर्ज एफआईआर मामले में सपा नेता आज़म खान की गिरफ्तारी पर रोक

प्रयागराज, 02 अप्रैल (हि.स.)। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं सपा के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान की 2007 में रामपुर के गंज थाने में दर्ज एफआईआर के तहत गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है और राज्य सरकार से याचिका पर जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता तथा न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्र की खंडपीठ ने आजम खां की याचिका पर दिया है।

अफसर खान ने याची के खिलाफ 2007 में एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि उनके मकान को ढहा दिया गया और विवेचना के बाद अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई, जो मजिस्ट्रेट के समक्ष लम्बित थी।

2017 में अफसर खान की मौत के बाद उसके लड़के जुल्फिकार खान ने 18 साल बाद 2024 में अंतिम रिपोर्ट के खिलाफ प्रोटेस्ट दाखिल की। जिस पर मजिस्ट्रेट ने अग्रिम विवेचना का आदेश पारित कर दिया। याची आजम खान ने इस आदेश के खिलाफ याचिका दाखिल की और गिरफ्तार पर रोक लगाने की मांग की।

याची अधिवक्ता इमरान उल्लाह और मोहम्मद खालिद ने याचिका पर बहस की। सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने पक्ष रखा। कोर्ट ने मजिस्ट्रेट के आदेश से जारी विवेचना के तहत याची को गिरफ्तार न करने का अंतरिम आदेश दिया है