राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2,28,442 वादों का रिकार्ड निस्तारण

राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2,28,442 वादों का रिकार्ड निस्तारण

राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2,28,442 वादों का रिकार्ड निस्तारण

प्रयागराज, 14 मार्च। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रयागराज के तत्वावधान में जनपद न्यायालय, प्रयागराज व समस्त तहसीलों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सत्य प्रकाश त्रिपाठी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर पीठासीन अधिकारी कामर्शियल कोर्ट प्रयागराज सुदामा प्रसाद उपस्थित रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2,28,442 वादों का निस्तारण किया गया।

यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रयागराज के सचिव शशि कुमार ने देते हुए बताया कि जनपद न्यायाधीश प्रयागराज सत्य प्रकाश त्रिपाठी द्वारा 04 सिविल वाद निस्तारित किए गए। राष्ट्रीय लोक अदालत में फौजदारी के कुल 12,149 वादों का निस्तारण किया गया। पारिवारिक न्यायालय द्वारा कुल 79 वादों का निस्तारण आपसी सुलह-समझौते के आधार पर किया गया। जनपद न्यायाधीश प्रयागराज द्वारा 08 जोड़ों को आपसी सुलह समझौते के आधार पर एक साथ रहने के लिए समझौता किया गया और एक-दूसरे को माला पहना कर मिठाई खिलाई गई।

सचिव ने बताया कि प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय रविन्द्र कुमार द्वितीय द्वारा 34 वादों का निस्तारण, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण पीठासीन अधिकारी उत्तरी पर्वेंद्र कुमार शर्मा द्वारा 265 वादों का निस्तारण, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण पीठासीन अधिकारी दक्षिणी निकुंज मित्तल द्वारा 108 वादों का निस्तारण, पीठासीन अधिकारी भूमि अधिग्रहण कृष्ण स्वरूप धर द्विवेदी द्वारा कुल 08 वादों का निस्तारण, रविकांत द्वितीय अपर जनपद न्यायाधीश ई0सी0 एक्ट द्वारा विद्युत के 651 मामलो का निस्तारण किया गया।

इसी प्रकार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट त्रिशा मिश्रा द्वारा 6242 वाद, विनय कुमार जायसवाल रेलवे मजिस्ट्रेट द्वारा 2140 वाद, अपर मुख्य नायक मजिस्ट्रेट 2 अरुण कुमार यादव द्वारा 1008 वाद निस्तारित किए गए। राजस्व न्यायालयों के द्वारा कुल 1,08,707 वादों का निस्तारण किया गया। श्रीमती दीक्षा पीठासीन अधिकारी वर्चुअल कोर्ट द्वारा 8325 चालानी वाद तथा बैंक के प्री-लिटिगेशन के 1782 मामले निस्तारित किये गये। रविकान्त-द्वितीय, नोडल अधिकारी-एडीजे, लोक अदालत के निर्देशन में समस्त विभागो से समन्वय स्थापित कर लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।