सीटों की कटौती और बढ़ी फीस से योग्य विद्यार्थी उच्च शिक्षा से हो रहे वंचित, तत्काल बहाल हों सीटें : अभाविप हिमांशु पाण्डेय

सीटों की कटौती और बढ़ी फीस से योग्य विद्यार्थी उच्च शिक्षा से हो रहे वंचित, तत्काल बहाल हों सीटें : अभाविप हिमांशु पाण्डेय

सीटों की कटौती और बढ़ी फीस से योग्य विद्यार्थी उच्च शिक्षा से हो रहे वंचित, तत्काल बहाल हों सीटें : अभाविप हिमांशु पाण्डेय

प्रयागराज, 22 जुलाई। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में स्नातक एवं परास्नातक पाठ्यक्रमों की सीटों में की गई कटौती और फीस वृद्धि पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने बुधवार को कड़ा विरोध जताया है। अभाविप इकाई अध्यक्ष हिमांशु पाण्डेय ने कहा कि सीमित सीटों और बढ़ी हुई फीस के कारण बड़ी संख्या में योग्य विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।

उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से सीटों की तत्काल बहाली और फीस को विद्यार्थियों की आर्थिक स्थिति के अनुरूप किफायती बनाने की मांग की। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) इलाहाबाद विश्वविद्यालय इकाई के कार्यकर्ताओं ने विद्यार्थियों से जुड़ी शैक्षणिक, आर्थिक एवं मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर बुधवार को विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. आशीष खरे एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण (डीएसडब्ल्यू) डॉ. सूर्य भान सिंह को अलग-अलग ज्ञापन सौंपा।

कुलसचिव को दिए गए ज्ञापन में अभाविप ने स्नातक एवं परास्नातक पाठ्यक्रमों में पूर्व में की गई सीटों की कटौती को तत्काल बहाल करने तथा फीस में की गई अत्यधिक वृद्धि को वापस लेकर उसे विद्यार्थियों की आर्थिक स्थिति के अनुरूप किफायती बनाने की मांग की। इकाई अध्यक्ष हिमांशु पाण्डेय ने कहा कि पीजीएटी-2026 का परिणाम एवं कटऑफ जारी होने के मद्देनजर सीटों की बहाली पर शीघ्र निर्णय लिया जाना आवश्यक है, ताकि योग्य विद्यार्थियों को प्रवेश से वंचित न होना पड़े।

वहीं, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. सूर्य भान सिंह को सौंपे गए ज्ञापन में विश्वविद्यालय परिसर की मूलभूत एवं शैक्षणिक सुविधाओं में सुधार की मांग उठाई गई। अभाविप ने प्रत्येक संकाय में छात्राओं के लिए पिंक टॉयलेट, महिला कॉमन रूम, सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन एवं डिस्पोजल इंसिनरेटर की व्यवस्था करने की मांग की। साथ ही नवनिर्मित पुस्तकालय को तत्काल शुरू करने, केंद्रीय पुस्तकालय को 24 घंटे संचालित करने, अध्ययन सीटों की संख्या बढ़ाने और नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुरूप पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

परिषद ने परिसर में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था, वाटर कूलरों की नियमित सर्विसिंग, पर्याप्त डस्टबिन, शौचालयों की दैनिक सफाई, विधि, वाणिज्य एवं विज्ञान संकायों में हाइजीनिक कैंटीन की स्थापना, विज्ञान संकाय के खेल मैदान को विद्यार्थियों के लिए खोलने तथा बंद पड़े छात्रावासों की मरम्मत कर उनका शीघ्र आवंटन करने की भी मांग की। अभाविप ने चेतावनी दी कि यदि छात्र हितों से जुड़े इन मुद्दों पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो विद्यार्थी परिषद आंदोलन के लिए बाध्य होगी। इस दौरान इकाई अध्यक्ष हिमांशु पाण्डेय, सौरभ सिंह, प्रांजल सिंह, अनन्या, अर्चना, अनुराग, आदर्श सहित अभाविप के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।