गांधी परिवार की अहंकारी राजनीति के दिन अब लद चुके: केशव प्रसाद मौर्य
गांधी परिवार की अहंकारी राजनीति के दिन अब लद चुके: केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ, 17 जुलाई । भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर करारा हमला बोला है। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का मजबूती से बचाव करते हुए राहुल गांधी के उस बयान को आड़े हाथों लिया जिसमें उन्होंने हिमंता को जेल भेजने की धमकी दी थी। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक तीखा पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि "गांधी परिवार की अहंकारी राजनीति के दिन अब लद चुके हैं।"
मौर्य ने अपने ट्वीट में आगे लिखा कि कथित भ्रष्टाचार समेत विभिन्न मामलों में स्वयं ज़मानत पर बाहर घूम रहे कांग्रेस के अड़ियल नेता राहुल गांधी को जेल की बहुत याद आती है। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि जो खुद कानूनी प्रक्रियाओं का सामना कर रहे हैं, वे दूसरों को जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं। मौर्य ने विशेष रूप से असम के लोकप्रिय मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का उल्लेख किया, जिन्हें राहुल गांधी ने जेल भेजने की धमकी दी थी।
उपमुख्यमंत्री ने हिमंता बिस्वा सरमा की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल असम राज्य से बल्कि समूचे उत्तर-पूर्वी राज्यों से कांग्रेस को राजनीति के हाशिए पर धकेलने और सत्ता से बेदखल करने में एक महती और निर्णायक भूमिका निभाई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरमा ने पूर्वोत्तर में भाजपा के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
केशव प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी को यह समझने की नसीहत दी कि उनके परिवार की वंशवादी और अहंकारी राजनीति का युग अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश में अब कानून का राज है, जहाँ कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी परिवार या पद से संबंधित हो, कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने यह संकेत दिया कि अब देश में मनमानी या वंशवादी प्रभाव से नहीं, बल्कि संवैधानिक प्रक्रियाओं और कानूनी दायरे में रहकर ही काम होगा।
गौरतलब हो कि यह पूरा विवाद राहुल गांधी के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने एक दिन पहले कहा था कि "बहुत जल्द हमारे बब्बर शेर असम के मुख्यमंत्री को जेल भिजवाएंगे।" राहुल गांधी का यह बयान एक अप्रत्यक्ष धमकी के रूप में देखा गया, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के बचाव में बयान दिए हैं और राहुल गांधी के बयान की कड़ी निंदा की है, जिससे राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़ हो गया है।