मध्यरात्रि से शुरू होगा विंध्याचल चैत्र नवरात्र मेला, तैयारियाें काे अंतिम रूप देने में जुटा प्रशासन
मध्यरात्रि से शुरू होगा विंध्याचल चैत्र नवरात्र मेला, तैयारियाें काे अंतिम रूप देने में जुटा प्रशासन
मीरजापुर, 18 मार्च। चैत्र नवरात्र मेला बुधवार की मध्यरात्रि से शुरू हो रहा है, लेकिन मेला क्षेत्र में अभी तक कई तैयारियां अधूरी नजर आ रही हैं। प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का कार्य जारी है।
मां विंध्यवासिनी मंदिर को रंग-बिरंगी लाइटों और झालरों से भव्य रूप से सजाया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन व्यवस्था को लेकर बैरिकेडिंग की गई है। वीआईपी, तीर्थ पुरोहित और आम श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई हैं, वहीं झांकी दर्शन के लिए भी अलग लाइन की व्यवस्था की गई है। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत देने के लिए चार प्रमुख मार्गों पर टेंट लगाए गए हैं। खोया-पाया केंद्र मंदिर के एंट्रेंस प्लाजा की छत और कोतवाली परिसर में बनाए गए हैं। पूरे मेला क्षेत्र में ध्वनि यंत्रों के माध्यम से लगातार घोषणाएं की जाएंगी।
हालांकि, विंध्याचल रेलवे स्टेशन मार्ग सहित कई स्थानों पर नालियां जाम पड़ी हैं, जिनकी सफाई का कार्य अभी प्रगति पर है। कई सड़कों पर गिट्टी-मिट्टी डालकर आवागमन लायक बनाया जा रहा है। मुख्य सड़कों का निर्माण तो हो गया है, लेकिन बीच-बीच में बिजली के खंभे और हैंडपंप बाधा बने हुए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को दिक्कतें हो सकती हैं। बिजली विभाग ने आपूर्ति सुचारु रखने के लिए जर्जर तारों और ट्रांसफार्मरों की मरम्मत कर ली है। साथ ही करंट से बचाव के लिए बिजली के खंभों को प्लास्टिक से कवर किया गया है।
गंगा घाटों पर नगर पालिका द्वारा स्नान के लिए बैरिकेटिंग की गई है, लेकिन इसमें मानकों के विपरीत कमजोर और सड़े-गले बांस का उपयोग किए जाने की शिकायत है। घाटों पर अस्थायी शौचालय बनाए गए हैं, जो पर्याप्त नहीं माने जा रहे हैं। पेयजल के लिए जगह-जगह टोटियां लगाई गई हैं, लेकिन भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हो सकती हैं। जिलाधिकारी पवन गंगवार ने बताया कि समय से सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी।
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