इंदिरा गांधी ने निषादराज गुहा के किला की खुदाई में मिला कीमती सामान लूटा : डॉ. संजय निषाद

इंदिरा गांधी ने निषादराज गुहा के किला की खुदाई में मिला कीमती सामान लूटा : डॉ. संजय निषाद

इंदिरा गांधी ने निषादराज गुहा के किला की खुदाई में मिला कीमती सामान लूटा : डॉ. संजय निषाद

प्रयागराज,03 अप्रैल (हि.स.)। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के बाल—सखा भगवान निषादराज गुहा के जन्मोत्सव कार्यक्रम श्रृंगवेरपुर में जनसभा को सम्बोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ.संजय कुमार निषाद ने कांग्रेस पर तीख प्रहार करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी की सरकार निषादराज गुहा के किले की खुदाई से प्राप्त पूरा सामान लूट ले गई। ये लोग निषाद समाज का कभी हित नहीं देखा। भाजपा सरकार में निषाद समाज, मछुआरों को रोजगार के साथ सम्मान मिला।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से अब तक सभी सरकाराें ने निषाद वंश के पूर्वजों काे सदैव दबाने का कार्य किया। इंदिरा गांधी के सरकार में निषादराज गुहा के किले की खुदाई हुई थी। उस समय किले में मिले कीमती बर्तन एवं अन्य सामान यहां से गायब कर दिया। मेरी केन्द्र की मोदी सरकार और प्रदेश के योगी सरकार से मांग करता हूं कि निषाद राज के किले पर अवैध कब्जा करके मस्जिद बना लिया गया है, उसे नष्ट करके निषादराज के किले का जीर्णोद्धार ​कराया जाए। यहां बनने वाले म्यूजियम में निषादराज किले से मिलने वाले सामान को रखा जाय।

केन्द्र में मोदी और प्रदेश में जब से योगी सरकार आयी है। उसके बाद से लगातार निषाद राज व उनके वंशजों एवं निषाद जाति के सम्मान और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम हो रहा है। भगवान राम के बाल सखा श्रृंगवेरपुर नरेश निषादराज गुह्य एवं भगवान राम की बड़ी बहन माता शांता एवं श्रृंगी ऋृषि के आश्रम एवं संस्कृति विद्यालय समेत सभी स्थानों का तेजी से विकास हो रहा है।

डॉं संजय निषाद ने कहा कि महाकुंभ की तैयारी के दौरान वक्फ बोर्ड ने दावा किया था कि कुंभ की भूमि उनकी है। यह माफिया बोर्ड बन गया था। लेकिन पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी मनमानी पर लगाम लगा दी है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने निषाद समुदाय के उत्थान के लिए कई योजनाओं की सौगात दी। उन्होंने निषाद राज वोट सब्सिडी योजना के तहत 1100 नाविकों को 3.20 करोड़ रुपये, मत्स्य संपदा योजना के तहत 1400 मत्स्य पालकों को 20 करोड़ रुपये, और किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए 138 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए।