उच्च न्यायालय के रिटायर जजों के घरेलू सेवकों का वेतन न बढ़ाने पर कोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा स्पष्टीकरण
उच्च न्यायालय के रिटायर जजों के घरेलू सेवकों का वेतन न बढ़ाने पर कोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा स्पष्टीकरण
प्रयागराज, 21 नवम्बर । उत्तर प्रदेश में उच्च न्यायालय के रिटायर्ड जजों के घर घरेलू सेवकों का वेतन बढ़ाने व उन्हें अन्य सुविधाएं देने को लेकर रिटायर्ड जज एसोशिएशन की याचिका पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
शुक्रवार को उच्च न्यायालयों की दो जजों की खंडपीठ के न्यायमूर्ति अजित कुमार एवं न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी ने एक निर्देश जारी कर इस मामले में प्रदेश सरकार से हलफ़नामा के साथ जवाब मांगा है कि वह बताए कि अन्य राज्यों में घरेलू सेवकों को रखने के लिए पैसे बढ़ा दिए गए हैं तो उत्तर प्रदेश में ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा है। रिटायर्ड जजों की तरफ़ से वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार यादव एवं सहयोगी अधिवक्ता वशिष्ठ दुबे ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी प्रदेश सरकार से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। परंतु प्रदेश सरकार ने इस संबंध में अपना रूख स्पष्ट नहीं किया है। कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई 9 दिसंबर को करेगी। उस दिन सरकार को इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए हलफ़नामा दाख़िल करना है।