डाक सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए पोस्टमास्टर जनरल ने शुरू किया ‘पोस्टल वॉरियर अभियान’

डाक सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए पोस्टमास्टर जनरल ने शुरू किया ‘पोस्टल वॉरियर अभियान’

डाक सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए पोस्टमास्टर जनरल ने शुरू किया ‘पोस्टल वॉरियर अभियान’

प्रयागराज, 13 मार्च । इंडिया पोस्ट नवीनतम तकनीकों को अपनाते हुए डिजिटल पहल और आधुनिक सेवाओं के माध्यम से नागरिकों के अनुभव को निरंतर बेहतर बना रहा है। जनसेवा को केंद्र में रखते हुए डाक विभाग पारम्परिक डाक सेवाओं से आगे बढ़कर आज वित्तीय समावेशन, लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स सहयोग और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्रों में एक विश्वसनीय संस्था के रूप में स्थापित हो चुका है। इस उन्नयन के साथ डाकघर काउंटरों में होने वाले लेन-देन अब पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और कुशल हो गए हैं, जो संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के संदेश “डाक सेवा, जन सेवा” को साकार करते हैं।

इस तकनीकी प्रगति को आगे बढ़ाते हुए पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने सितम्बर 2025 में शाखा डाकघर स्तर पर “पोस्टल वॉरियर” नामक एक अभिनव अभियान शुरू किया, जिसे फरवरी 2026 में उप डाकघर और प्रधान डाकघरों तक भी विस्तारित किया गया। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को डाक नेटवर्क से जोड़ना तथा अंतिम छोर तक व्यावसायिक अवसरों का लाभ उठाकर वित्तीय समावेशन भी सुनिश्चित करना है। इस पहल का लक्ष्य उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के सभी शाखा डाकघरों को सक्रिय करना और सेवाओं की पहुंच को व्यापक बनाना भी है, जिससे अंततः डाक विभाग के राजस्व में भी वृद्धि होती है।

हाल ही में “ब्यूरोक्रेट्स ऑफ इंडिया: टॉप 25 चेंजमेकर्स 2025” की सूची में शामिल कृष्ण कुमार यादव को तकनीक और नागरिक-केंद्रित पहलों के माध्यम से अंतिम छोर तक प्रशासन को आधुनिक बनाने के लिए जाना जाता है। समावेशी शासन को सुदृढ़ करने से लेकर सार्वजनिक सेवा वितरण में प्रौद्योगिकी के प्रभावी एवं नवाचारपूर्ण उपयोग तक, पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने नागरिकों के जीवन में सकारात्मक एवं स्थायी परिवर्तन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कृष्ण कुमार यादव ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के तहत ‘पोस्टल वॉरियर्स’ की चार श्रेणियां निर्धारित की गई हैं-सिल्वर वॉरियर, गोल्ड वॉरियर, डायमंड वॉरियर और प्लेटिनम वॉरियर। शाखा डाकघर 100 अंक प्राप्त करने पर ‘सिल्वर वॉरियर’, 250 अंक पर ‘गोल्ड वॉरियर’, 500 अंक पर ‘डायमंड वॉरियर’ तथा 1000 अंक प्राप्त करने पर ‘प्लेटिनम वॉरियर’ के रूप में घोषित किए जाते हैं। जितना अधिक जुड़ाव और व्यवसाय होगा, उसी के अनुसार पोस्टल वॉरियर की श्रेणी में उच्च स्थान प्राप्त होगा। शाखा डाकघरों का मूल्यांकन चार प्रमुख व्यावसायिक मानकों के आधार पर किया जाता है, जिनमें बचत खाते खोलना, डाक जीवन बीमा-ग्रामीण डाक जीवन बीमा का प्रारम्भिक प्रीमियम संग्रह, स्पीड पोस्ट एवं पार्सल बुकिंग तथा इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक का व्यवसाय शामिल है।

इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक नई व्यावसायिक गतिविधि के लिए बिजनेस पॉइंट्स निर्धारित किए गए हैं। एक डाकघर बचत बैंक खाता खोलने पर 1 अंक, 600 रुपये के पीएलआई-आरपीएलआई प्रारम्भिक प्रीमियम पर 1 अंक, एक स्पीड पोस्ट या पार्सल बुकिंग पर 1 अंक तथा एक आईपीपीबी व्यवसाय पर भी 1 अंक प्रदान किया जाता है। इन मानकों के अंतर्गत न्यूनतम व्यवसाय सुनिश्चित करने वाले शाखा डाकघरों को पोस्टल वॉरियर घोषित किया जाता है।

पोस्टमास्टर जनरल ने बताया कि विकसित भारत के विज़न को साकार करने में इंडिया पोस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका है। डिजिटल इंडिया, वित्तीय समावेशन तथा कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने जैसी प्रमुख राष्ट्रीय पहलों को समर्थन देते हुए, इंडिया पोस्ट में एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलॉजी (एपीटी) 2.0 का क्रियान्वयन डाक सेवाओं के आधुनिकीकरण तथा कार्यकुशलता, पारदर्शिता और अंतिम छोर तक सेवा वितरण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने कहा कि “डाक चौपाल” जैसी पहल का उद्देश्य समाज के अंतिम छोर तक आवश्यक सरकारी एवं नागरिक-केंद्रित सेवाओं को पहुंचाना है।